महिला सशक्तिकरण में कौशल विकास की महत्वपूर्ण भूमिका है। सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी एवं मेकअप, कंप्यूटर शिक्षा, हस्तशिल्प और अन्य व्यावसायिक प्रशिक्षण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में सहायता करते हैं। इससे वे न केवल अपने परिवार की आय बढ़ाने में योगदान देती हैं, बल्कि समाज में अपनी पहचान भी स्थापित करती हैं।
